Mausa Ji ne chod kar maja diya

Ahhhhhhhhh uiiieeee मेरा नाम poonam है और मेरी उम्र 30 साल है और में जॉब करती हूँ. में आपको अपने साथ हुई एक सच्ची कहानी बताने जा रही हूँ. मेरी हाईट 5 फीट 3 इंच है और मेरा साईज 34-28-40 है. ये बात तब की है जब में 19 साल की थी.. मेरे घर में मेरे mausaa जी और मौसी हमारे साथ में ही रहते थे. mausaa जी की उम्र उस वक्त 35 साल की होगी.. वो दिखने में बहुत सीधे लगते थे.. लेकिन उनकी असलियत मेरे ही सामने खुली. में उस समय जवानी की दहलीज पर थी.. मेरे doodh धीरे-धीरे बड़े हुए जा रहे थे और मेरे कपड़े छोटे होते जा रहे थे.

हमारी स्कूल की ड्रेस एक नीली स्कर्ट और सफ़ेद शर्ट थी. शर्ट के अंदर ब्रा पहनने की मेरी आदत नहीं थी.. तो मेरे doodh का उभार साफ़ नजर आता था. कई बार मम्मी ने मुझे टोका भी था कि अंदर कुछ पहना कर लेकिन मैंने कुछ ध्यान नहीं दिया.

मेरी बॉडी बड़ी मस्त थी.. लेकिन मेरे चेहरे में ऐसा कुछ खास नहीं था और में सामान्य दिखती थी. में अपने सामने दूसरी लड़कियों को बॉयफ्रेंड बनाते देखती और मन मारकर रह जाती थी कि मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है और किसी ने मुझे कभी प्रपोज़ ही नहीं किया था.. तो जब में घर पर होती तो में नोटीस करती कि mausaa जी मुझे बड़े ध्यान से देखा करते है.

एक बार में स्कूल से वापस आई.. मैंने शर्ट के नीचे ब्रा नहीं पहनी थी और मेरे doodh काफ़ी बड़े लग रहे थे. हल्की- हल्की ठंड होने के कारण मेरे निप्पल भी टाईट हो गये थे और शर्ट के अंदर से दिख रहे थे. मैंने mausaa जी को मेरे doodh को घूरते हुए देखा.. पता नहीं मुझे क्या हुआ? में अपने आप पर कंट्रोल नहीं कर पाई और उन्ही के सामने उचक-उचक के चलने लगी.. जिससे कि मेरे doodh चलते हुए और उछले.. तो मेरे mausaa जी की तो नज़रे जैसे मेरे doodh से चिपकी ही जा रही थी. में ऐसा 5-10 मिनिट तक करती रही और mausaa जी बराबर मुझे घूरते रहे.

फिर मैंने देखा कि mausaa जी अपने होंठो पर अपनी जीभ फेर रहे थे.. जैसे उन्हें प्यास लगी हो. अपने doodh उछालते हुए में उनके पास गई.. वो अभी भी मेरे doodh को ही देख रहे थे. मैंने उनसे पूछा कि mausaa जी क्या हुआ? प्यास लगी है तो पानी लाऊँ क्या? mausaa जी अभी भी मेरे doodh को ही देख रहे थे और वही देखते हुए फिर अपने होठों पर जीभ फेरते हुए बोले हाँ पानी पिला दो.. बहुत प्यास लगी है. में समझ गई कि mausaa जी मेरे doodh के दीवाने हो चुके है. फिर हमारे इस तरह का सिलसिला शुरू हो गया.. में जब भी मौका मिलता mausaa जी के सामने छोटे कपड़े पहन के चली जाती.

कभी टाईट कुर्ती पहनती जिससे मेरे doodh बड़े-बड़े और गोल-गोल लगते और कभी छोटी स्कर्ट पहनकर mausaa जी के सामने नीचे झुक कर कुछ उठाने की कोशिश करती.. तो mausaa जी बड़े ही प्यार से मुझे निहारते रहते. यह सिलसिला बहुत दिनों तक चलता रहा. मुझे इसमे मज़ा आने लगा कि mausaa जी किस तरह मुझे देख कर जीभ से पानी टपकाते है.. लेकिन बेचारे कुछ कर नहीं पाते. मैंने डिसाइड किया कि इसे दूसरे लेवल तक पहुँचाने की स्टेज आ गई है. एक दिन mausaa जी और में टी.वी रूम में अकेले ही थे और में सोफे पर लेटी हुई थी और मैंने रज़ाई ओढ़ रखी थी.. mausaa जी भी उसी सोफे पर मेरे पैरो के पास बैठ कर टी.वी देख रहे थे. मैंने सोचा मौका सही है.

मैंने एक बड़े गले की पतली टी-शर्ट पहन रखी थी.. जो आसानी से मेरे कंधों से नीचे ऊतर जाती थी. मैंने धीरे से टी-शर्ट का गला नीचे खींचा और अपने doodh बाहर इतने निकाले कि इसमें मेरी बस निपल ही छुपी हुई थी बाकी सारा ऊभार बाहर था.

फिर मैंने mausaa जी को पीछे से हिलाते हुए कहा कि mausaa जी क्या देख रहे हो? mausaa जी ने टी.वी से अपना चेहरा हटा कर.. जैसे ही मेरी तरफ देखा.. तो देखते ही रह गये. मेरे doodh के ऊभार इतने मस्त लग रहे थे कि क्या बताऊँ? मेरा चेहरा भी उनके पीछे से नहीं दिख रहा था. mausaa जी की तो बस निगाहें ही पागल हो गई.. वो मेरे doodh को देखते हुए अपने हाथ को मेरे चेहरे की तरफ लाये और मेरे गालों पर अपना हाथ रखकर कहा कि प्यास लग रही है. फिर धीरे-धीरे उन्होंने अपना एक हाथ नीचे मेरे doodh के ऊभारो पर रख दिया.

में थोड़ी सी डरी.. क्योंकि मेरा यह पहली बार था कि mausaa जी ने मुझे इस तरह छुआ था. लेकिन उनके हाथ अपने doodh पर मुझे बहुत मस्त एहसास दिलवा रहे थे. में कुछ देर वैसे ही पड़ी रही और mausaa जी अपना हाथ मेरे doodh पर रखे हुये थे.

फिर उन्होंने अचानक से एक उंगली से मेरी टी-शर्ट का गला नीचे खींचा और मेरे निप्पल को बाहर निकाल दिया. मेरे निपल बहुत बड़े-बड़े और काले-काले है. mausaa जी मेरे निप्पल को देखे जा रहे थे.. इतने में मुझे रज़ाई के नीचे एक सरसराहट महसूस हुई. मैंने देखा कि रज़ाई के अंदर mausaa जी का दूसरा हाथ था और वो धीरे-धीरे मेरी स्कर्ट की तरफ बढ़ रहा था. फिर मैंने अपनी दोनों जांघे खोल दी और mausaa जी ने अपने हाथ सरकाते हुए मेरी स्कर्ट के अंदर हाथ डाला. फिर धीरे-धीरे मेरी चड्डी तक पहुँच गये. में बहुत छोटी चड्डी पहनती हूँ.. सिर्फ़ एक पतली स्ट्रीप ही मेरी choot को कवर करती है. मेरी choot एकदम चिकनी है और उस पर कोई बाल नहीं है. एकदम मखमली फूली फूली मुलायम सी choot है.

फिर mausaa जी ने अपना हाथ मेरी चड्डी के अंदर डाल दिया और मेरी choot को सहलाने लगे. यह मेरे लिए सेक्स का पहला स्पर्श था.. मैंने आँखें बंद कर ली और mausaa जी ने अपने हाथ को मेरी choot के ऊपर फेरा.

फिर अपनी बीच की उंगली मेरी choot की बीच की जगह में घुसा दी और मेरे दाने को सहलाने लगे.. मेरी choot अपने आप गीली हो गई.. जिससे में मस्त हो रही थी. फिर मैंने अपनी जांघे और खोल दी.. mausaa जी का इस तरह मेरे choot के दाने को रगड़ना मुझे पागल कर रहा था.. इसका सबूत था मेरी choot.. जो नल की तरह पानी छोड़ रही थी.

mausaa जी मेरी choot को अपनी बीच की उंगली से रगड़ रहे थे और मेरी लाईफ का एक नया अध्याय शुरू हो रहा था. वो अध्याय जिसने मेरी ज़िंदगी बदल दी.. मुझे एक औरत होने का एहसास दिलाया. उसके बाद में mausaa जी से खूब चुदी और उन पर अपनी पूरी जवानी कुर्बान कर दी. आज मेरी शादी हो चुकी है.. मेरे पति भी मुझे मस्त चोदते है. मुझे सेक्स की कभी भी कमी महसूस नहीं होती.. क्योंकि मुझे बहुत चुदक्कड़ पति मिला है. लेकिन आज जब भी में अपने घर जाती हूँ तो mausaa जी से जरूर चुदवाती हूँ.. क्योंकि अलग अलग लंड से चुदवाने का मजा ही अलग है.